यूँ ही निट्ठल्ला, भला क्यों करता बकवास
गुनिये शायद निहित होगा यहाँ कुछ ख़ास
वरना तो समझिये बस निरर्थक टाइमपास
मानिये सहज गल्प, लँतरानी और परिहास

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21 June 2009

Amar Kumar has sent you a cold drink

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पहिले निट्ठल्ला फोटुओं का इन्ट्राडेक्सन देगा : उसके बाद लिक्खेंगा.. लीखने का कुछ नेंईं जी, ईहाँ की तो पँच लाइन ही है.. “ सोचेला नहीं.. बस ठेलेला “ और  जब सर पे ख्याल ही न मंडराएं, और बिल्कुल रहा ना जाए , तो ? तो क्या, यदि आप भी कोल्ड ड्रिंक देखि के चले आये हैं, तो यह ब्ला ब्ला ब्लाग भी झेलिये..

 

आजकल अपुन के मेल बाक्स में कोल्ड-ड्रिंक की लूट मची है  ! मेरे ढाँचें का डाक्टरी वाला टेम्पलेट अँग्रेज़ी से भले बना हो, पर कंटेन्ट तो देसी रहेगा ! जैसे दूल्हे राजा का कितना भी ऋँगार कर देयो, उनका बाबू राजा बनाय के जयमाल के लिये ऊँची कुर्सी पर बईठाय देयो ! चारों तरफ़ फ़ोकस ही फ़ोकस.. जिज्जा जी, ही ही ही.. जीजाऽऽऽ जिही झी ही ही ही !  लेकिन जईसे ही जीजा का एकु मच्छर काटिस, बिलबिलाय गये.. अउर सीधै मच्छराइन बहन जी तक पहुँच गये, “ चटाक ! धात्त त्तेरी..  की .. .औंऽऽ ! “ औकात इसी को कहते होंगे, शायद ?

यही हाल अपना है.. कोल्ड ड्रिंक देखि के बुखार आता है.. भले लस्सी दे दो.. या शिकंज़ी की बात ही कुछ और है.. सत्तू का शरबत भी मँज़ूर.. बेल का शरबत मिलि जाय, समझो कि वाह वाह की जय जय !  ठँडी बियर शियर तो खैर..

             amar-nitthalla      amar-sent you

हमारे इतने चीकने पात भी न थे, जो इन होनहारों के हैं ! सो ऎसी कोई पिबंति धातु की वस्तु पी जाती है, या पीने स्कोप हुआ करता है । यह ज्ञान ही न था ! ऎसा उल्लेख किया जाता है, कि मैं बचपन से ही पिछड़े कैटेगरी में आता था ! पहले तो दूध से ही संतुष्ट हो लेता था, फिर यह यात्रा शिकँज़ी , शहतूत और भी भिन्न किसिम के शरबतों के बीच शँटिंग करती रही.. पर, कभी कभार मेहमान वगैरह के आने पर रूह अफ़्ज़ाई का चाँस भी मिल जाया करता था !

बाली उमरिया में ही प्रिमेडिकल वालों ने खदेड़ दिया और हम पहुँच गये कानपुर ! क्या तो सहर रहा.. कलक्टरगँज से बेनाझाबर.. हईयन हईयन हईयन रिक्शा वाला मेरे वेहरे के सामने अपना चूतड़ उचकाय रहा है, अउर अईसा शहर है कि खतम होने को नहीं ? बड़ी ऊब होती रही… मन करता था कहूँ, “ रिक्शा वाले भाय.. तुम ईहाँ बैठो.. अब हमहूँ तनि चालीस पचास पैडल मार लेयी, तुम्हरे रिक्शा मा ! “ बहुत सारी बातें मन में ही घुट कर रह जाती हैं, यह भी उनमें से एक रहा है ! आज खोलि रहे हैं,एक्लूसिवली आन निट्ठल्ला ! मन की घुटन इसी लोक में गूगल बाबा के चरणों में अर्पित कर दे.. ना ना कोई बात नहीं… अपने छद्म नाम से ही संकल्प ले ले, तू बस अभिव्यक्त हो ले और छुट्टी पा ले !

गूगल बाबा के डाक बक्सा में कोल्ड ड्रिंकन की बाढ़ आयी हुई है ! याः देक्खो.. फलाने सेन्ट यू अ..  ढिकाने सेन्ट यू अ कोल्ड ड्रिंक ! यहाँ तक तो ठीक रहा.. लेकिन आजु एक बिल्ली रास्ता काट गयी ! कऊनौ dipika123 जी ने भी कोल्ड ड्रिंक पठाय भेजा ! दिनेश जी.. अनिल पुदस्कर जी वगैरह को तो टरका दिया था, बेचारे मान गये ! यहाँ तक कि एक भड़ासी भाई भी मान गये.. कमरे में बैठ कर कीबोर्ड से आग उगलना और बात होगी.. लेकिन ज़नाब मान तो गये ही , यह क्या मेरा कम मान है ? पर दीपिका… शायद वह भी मान जाती..अगर मैं अपने फुल फार्म में डाँट देता.. वही तो ?

लेकिन हमारै मन बेईमान होय गया,थोड़ा बहुत हिलने डुलने के बाद महामहिम मन महाशय ने अपने पासवान जी यानि हमारे दिमगिया को पुचकारा , “ देख ले भाई.. तनि देखि भर ले.. तेरा क्या जाता है ? लड़की जात है, जो बात बात पर कोल्ड ड्रिंक पिया करती हैं.. फेल तो कोल्ड ड्रिंक.. पास हुई तो कोल्ड ड्रिक ! ग़र रूठ गयीं तब भी इनको मनाने को है ना.. कोल्ड ड्रिंक !! और.. और,  यह तो तुम्हरे कम्प्यूटर में समा के खुदै कोल्ड ड्रिंक लिये खड़ी है ! बस झाँक भर ले.. भले ही मत पीना.. कौन  दिनेश जी यहाँ  देख रहे हैं .. डर मत कौन तुमको अवमानना का नोटिस ही भेजे दे रहे हैं ? 

अरे.. देख भी ले भाई ! तो फिर देखा ?  ♬ ♩ ♪ ♫ ♬ .... ठहरिये जरा,  दो घूँट पानी पी कर फौरन आता हूँ ! गला तो भाई अपने घर के पानी से ही तर होता है । हर पानीदार का यही ठिकाना है.. गलत गलत गलत कट ( Censored ).. आप कुछ और पढ़िये

फिर..  अपुन को ऎंवेंईं .. सिनेमाई चलित्तर में पीने पिलाने वाली लाइन के गुरुदत्त जी याद आ गये..’या दिल की सुनो  .. दुनिया वालों..  या मुझको ही चुप रहने दों ऽऽ “ वाले गुरुदत्त ! मैं चुप नहीं हूँ, सब उगले दे रहा हूँ.. ज़ाहिर है कि, ऎसे परफ़्यूम दिल की ही सुनवायेंगे ! तो, सुनिये.. वर्ड काउँट 2509 हो गया है .. अब सुनाऊँगा तो रात बीत जायेगी !

कहना तो बहुत कुछ है, लेकिन इससे आगे जो भी लिखूँगा, वह पढ़ना शायद आपके लिये इतना निरापद न रहेगा । बाकी आप जानो कि एक अबला को इस मेलबाक्स से उस मेलबाक्स तक भटकाना कहाँ का अन्याय है ?

13 टिप्पणी:

रचना टिपियाइन कि

garmi mae cold drink bhej rahey haen sab maere email box mae bhi hope haen sardi tak coffee hogii { with yaa without kush offcourse }

अजय कुमार झा टिपियाइन कि

are kaa bataayein dr saahab ee sasuree cold drink kahiyon peechhaa nahin chhod rahi hai..sune hain ki sulabh sauchaalay mein bhee dhone ke vaaste ekraa prayog hone walaa hai...ha..ha..ha..

सतीश पंचम टिपियाइन कि

इ साला कोल्ड्रिंवा तो पीछे नही छोड रहा । सोचता हूँ उन लोगों को बुलाउं जो कीटनाशक का बम बोल के सीतल कर दें इन सबन को :)

परेशान हम भी हैं वैसे, धाकड मेहमान को अगर पूछें कि ठंडा या गरम तो वो यही कहेगा कि चाय बनने तक ठंडा चलेगा :)

Udan Tashtari टिपियाइन कि

हम तो सोचेथे सच्चे कोल्ड ड्रिंक पिलवाओगे..साथ में हम कुछ तो मिला ही लेते. :)

हिमांशु । Himanshu टिपियाइन कि

कोल्ड ड्रिंक तो सहज ही है - गली चौराहे से लेकर इनबॉक्स तक ।

वीडियो देखते हुए ऑडियो ने ही लुभाया । ठंडा कर गया ।

Anil Pusadkar टिपियाइन कि

कोल्ड ड्रिंक से काम चलाना पड़ेगा अब तो।जै हो डाक्टर साब की।

कर्मचारी टिपियाइन कि

बच के रहियेगा इस कोल्ड डिंक से!
पूरे एड्रेस बुक को जुकाम हो जायेगा !!

डॉ .अनुराग टिपियाइन कि

बड़ी भारी पोस्ट है गुरुवर ...कोल्ड ड्रिंक वाले नाराज भी हो सकते है ....पर' या दिल की सुनो दुनिया वालो 'में गुरुदत्त का जोड़ हमें समझ नहीं आया ...क्यूंकि ये तो हमारा फेवरेट सोंग अनुपमा फिल्म से है.....बंगाली बाबू की डायरेक्ट की हुई...ऐसे फोटो क्यों लगाते है आप...ओर हाँ एक आध अश्लील शब्द भी ठेले है आप......इ लक्षण ठीक नहीं है...

नीरज गोस्वामी टिपियाइन कि

अमर भाई हमारे ज़माने की सुंदरियों को कोका कोला पीते देख कर तबियत इतनी हरी नहीं हुई जितना पीछे बजते ससुराल गेंदा फूल सुन कर हुई...बहुत दिनों बाद गज़ब की पोस्ट पढ़ी...ज्यादा तारीफ करूँगा तो कहीं आप शर्मा ना जाएँ ये सोच कर बस करता हूँ....
नीरज

कुश टिपियाइन कि

अश्लीलता के लिए तो हम आपको अवमानना नोटिस भेज सकते है.. पर फिलहाल कोल्ड ड्रिंक भेजे रहे है.. तनिक ठंडा रखिये दिमाग को.. गर्म होने के लिए हमने औरो को अपोइन्ट कर रखा है.. वईसे रिक्शावाले से मांग कर हमने बारिश में रिक्शा चलाया है... लफडा येईच तो है कि लाईफ के सब नियमो को तोड़ के ही जिया है.. आगे भी जीते जायेंगे.. ये रुल और उसूल हम दुनिया में आने से पहले ही भूल आये थे... निठल्ला इस बार भी क्या ठेलेला है...

एक और बात,. जैसे ही लिखने बैठा एक पोस्ट कि आपकी ये पोस्ट नज़र आ गयी और अपनी पोस्ट को विराम दे दिया.. अब पता नहीं कब लिखू..

अभिषेक ओझा टिपियाइन कि

लो कानपुर में आप रिक्शा नहीं चलाये ? हमने तो फोटू खिचवाने के लिए चलाया था जी. फोटू लगाते हैं किसी दिन. और कोल्ड ड्रिंक तो बहुत आये इन्बोक्स में जी... बालिकाओं के भेजे भी. वैसे इ विडियो में गाया किस महिला ने हैं?

महामंत्री - तस्लीम टिपियाइन कि

बच्‍चे भी कोल्‍ड ड्रिंक के लिए लालायित हो रहे हैं, यह चिंता का विषय है।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

RAJ SINH टिपियाइन कि

डा . साहब ये क्या माज़रा है ? ये कोल्ड ड्रिंक कहाँ से आता है , कौन भेजता है ? हमारे इन्बोक्स से तो कुछ निकलता ही नहीं .

ऐसा तो नहीं की पाहिले सीनियरन को निपटाय के यी ठंधक इधर रुख करेगी .

बहरहाल आपकी लगाई ठंधक से फ़िलहाल शीतलय रहे हैं .

आपतो बस जम के ठेले जाओ .

लगे हाथ टिप्पणी भी मिल जाती, तो...

आपकी टिप्पणी ?

कुछ कहना चाहेंगे ..? तो कह भी डालिये !!
यदि शालीनता के पाज़ामे को छोड़ेंगे, तो तक़लीफ़ होगी..
आप लिखेंगे, तो हम भी लिखते रहेंगे या इसी में सँगत दे दीजिये कि, उष्ट्राणाम् विवाहेषु गीतम् गायंति गर्दभाः
परस्परम् प्रशंसति, अहो रूपम्, अहो ध्वनिः।
जरा अपुन भी तो खुश हो लें भाई !

कोई कमेन्ट मर्डरेशन लागू नहीं किया गया है,
क्योंकि आप स्वयँ ही स्वनियमन में सक्षम और दक्ष हैं !

यह अपना हिन्दी ब्लागजगत, जहाँ थोड़ा बहुत आपसी विवाद चलता ही है, बुद्धिजीवियों का वैचारिक मतभेद !

शुक्र है कि, सैद्धान्तिक सहमति अविष्कृत हो जाते हैं, और यह ज़्यादा नहीं टिकता, छोड़िये यह सब, आगे बढ़ते रहिये !

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