tag:blogger.com,1999:blog-5920015089567855771.post4935666894101569130..comments2007-12-27T07:30:33.088+05:30Comments on यूँ ही निट्ठल्ला..: उस अनाम रेलवई वाले को धन्यवाद !डा० अमर कुमारhttp://www.blogger.com/profile/09556018337158653778dramar21071@gmail.comBlogger3125tag:blogger.com,1999:blog-5920015089567855771.post-66218378433162847732007-12-27T07:30:00.000+05:302007-12-27T07:30:00.000+05:302007-12-27T07:30:00.000+05:30बड़े दिनों बाद लिखा आप ने! लगता है आप की समस्या सुल...बड़े दिनों बाद लिखा आप ने! लगता है आप की समस्या सुलझ गई.. बढ़िया है!अभय तिवारीhttp://www.blogger.com/profile/05954884020242766837noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-5920015089567855771.post-33022467599676440222007-12-27T06:33:00.000+05:302007-12-27T06:33:00.000+05:302007-12-27T06:33:00.000+05:30नहीं सहेजता, पी जाता अपमान का घूंट। तो गांधी न होत...नहीं सहेजता, पी जाता अपमान का घूंट। <BR/>तो गांधी न होता महात्मा। <BR/>आजाद फिर भी होता भारत, ज्यादा मशक्कत होती, तो मसल्स भी मजबूत होतीं।दिनेशराय द्विवेदीhttp://www.blogger.com/profile/00350808140545937113noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-5920015089567855771.post-13689151993433985922007-12-27T06:10:00.000+05:302007-12-27T06:10:00.000+05:302007-12-27T06:10:00.000+05:30अब ट्यूबलाइट जली कि गांधी साउथ अफ़्रीका जा कर गांधी...अब ट्यूबलाइट जली कि गांधी साउथ अफ़्रीका जा कर गांधी कैसे बने। या आज कोई गांधी क्यों नहीं बन सकता। यहां तो टीटीई से वैसा वर्ताव नहीं मिलता। :-)ज्ञानदत्त पाण्डेय । GD Pandeyhttp://www.blogger.com/profile/05293412290435900116noreply@blogger.com